छोटी दिवाली के पीछे की कहानी Chhoti Diwali In Hindi 2017

Chhoti Diwali In Hindi 2017 - छोटी दिवाली के पीछे की कहानी।

Chhoti Diwali 2017 In Hindi


Chhoti Diwali In Hindi 2017 अपने प्रिय राजा श्री राम के वनवास समाप्त होने की खुशी में अयोध्यावासियों ने कार्तिक अमावस्या की रात्रि में घी के दिए जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से हर वर्ष दीपावली ( Deepawali Festival 2017 )का पर्व मनाया जाता है। इस त्यौहार का वर्णन विष्णु पुराण के साथ-साथ अन्य कई पुराणों में किया गया है।

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दंतकथाओं के अनुसार नरकासुर नाम का एक राक्षस था जो प्रागज्योतिषपुर राज्य का राजा था। उसने इंद्र को युद्ध में परास्त करके माँ देवी की कान की बालियों को छीन लिया था। येही नहीं उसने देवताओं और रिशिओं की 16 हज़ार बेटियों का अपहरण करके उनको अपने इस्त्रिग्रह में बंदी बना रखा था। इस्त्रियों के प्रति नरकासुर के द्वेष को देख कर सत्यभामा ने कृष्णा से यह निवेदन किया की उन्हें नरकासुर का वध करने का अवसर प्रदान किया जाये। यह भी मान्यता है की नरकासुर को यह श्राप था की उसकी मृत्यु एक इस्त्री के हाथ ही होगी। सत्यभामा कृष्ण द्वारा चलाय जा रहे रथ में बेठ कर युद्ध करने के लिए गयी। उस युद्ध में सत्यभामा ने नरकासुर को परास्त करके उसका वध किया और सभी कन्याओं को छुडवा लिया।

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इसी दिन को नरका चतुर्दशी कहते है। छोटी दिवाली ( Diwali Festival 2017 ) भी इसी दिन मनाई जाती है। इसका कारण यह है ही नरकासुर की माता भूदेवी ने यीह घोषणा की थी की उसके पुत्र की मृत्यु के दिन को मातम के तौर पर नहीं बल्कि त्यौहार के तौर पर याद रखा जाये।​

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