किन्नर ताली क्यो बजाते हैं?


किन्नर ताली क्यो बजाते हैं?





ताली की खास आवाज और उसे बजाने के तरीके से एक किन्नर, दूसरे की पहचान कर लेता है। अक्सर किन्नर स्त्रियॉं के कपड़ों मे होते हैं लेकिन कई बार वे पुरुषों की पोशाक मे भी होते हैं। ऐसे मे अपनी बिरादरी के लोगों से घुलने-मिलने के लिए उन्हें ताली बजाकर अपने असल होने का सबूत देना होता है।

दोस्तों वैसे तो किन्नर शादी-ब्याह या जन्मोत्सव जैसे मौकों पर ही अचानक घर पहुँच जाते हैं और ताली बजाकर खुशी का इजहार करते हैं लेकिन अपने समुदाय मे वे ताली के जरिये भी भावनाएँ जाहीर करते हैं। गुस्सा होने या खुशी मे वे बात करते हुए ताली बजाते जाते हैं।


दोस्तों किन्नरों के ताली बजने का अपना अलग ही तरीका होता है। आम ताली मे दोनों हाथ वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल होते हैं और उँगलियाँ आपस मे लगभग जुड़ी होती हैं। वहीं किन्नर जब ताली बजते हैं तो एक हाथ वर्टिकल और एक हॉरिजॉन्टल तरीके से आपस मे जुड़ता है और उँगलियाँ एकदम दूर-दूर होती हैं। इस ताली से खास तरह की आवाज निकलती है जो काफी ऊंची होती है।


Also Read - ( यह भी पढ़ें )





Comments

Popular posts from this blog

All Scientific Names In Hindi - वैज्ञानिक नाम हिंदी में