Endangered Birds in Hindi 2021

 Endangered Birds in Hindi


Endangered birds in hindi: भारत यानि हमारा देश यह प्रकृति वनस्पतियों और जीवों के मामले अत्यधिक समृद्धशाली है क्योंकि यह एक उपमहाद्वीप है। तुमको यह जानकार आश्चर्य होगा की हमारे आस-पास प्राकृतिक रूप से कितना बदलाव हो चुका है।


शायद तुमने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया, अरे देते भी कैसे जीवन की भाग दौड़ और जीविका कमाने के लिए भागते-भागते तुम्हारे पास तो समय ही नहीं बचा।




अरे साहब! जरा किसी दिन प्रकृति की गोद मे जाकर तो देखिए कितना सुकून है. . . आखिर वो भी तो हमारी माँ ही है। यदि तुम 90 के दशक मे जन्में हो तो तुमसे ज्यादा खुशनसीब आज कल के नौजवान नहीं हैं।


याद कीजिए आपके आँगन मे फुदकती हुई गौरैया को, सो कर जागते ही पक्षियों की मधुर आवाज से कानों मे मधुर संगीत का बजना… वाह क्या दिन बन जाता था Endangered birds in hindi


आखिर वो सारे पक्षी गए कहाँ…जरा सोचिए इन पक्षियों के विलुप्त होने का जिम्मेदार कौन है? तुम हो, मैं हूँ और यह पूरी मानव जाती है। हाँ, सही कहा मैंने आगे इस पोस्ट मे आप पढ़ेंगे -


भारत मे विलुप्त हुई प्रजातियाँ, पक्षियों के विलुप्त होने के प्रमुख कारण और पक्षियों को विलुप्त होने से कैसे बचाया जा सकता है।


Endangered birds in hindi list For India - भारत के लुप्तप्राय पक्षियों की लिस्ट

1. भारतीय गिद्ध Indian Vulture

2. गुलाबी सिर वाला बतख Pink headed duck

3. बेयर पोचार्ड Baer’s Pochard

4. वन उल्लू Forest Owlet

5. साइबेरियन सारस Siberian Crane

6. बंगाल फ्लोरिकन Bengal Florican

7. सफेद पीठ वाला गिद्ध White Backed Vulture

8. हिमालयन बटेर Himalayan Quail

9. सफेद पेट वाला बगुला White Bellied Heron

10. स्पून-बिल्ड सैंडपाइपर (चम्मच की चोच वाली टिटहरी) Spoon Billed Sandpiper

11. लाल सिर वाला गिद्ध Red-headed vulture

12. जेर्डन का कौरसर Jerdon’s Courser

13. मिलनसार लैपविंग Sociable Lapwing

14. दुबला-पतला गिद्ध Slender Billed Vulture

15. संदेशवाहक कबूतर Passenger Pigeon

16. कैरोलिना तोता Carolina Parakeet

17. अरबी शुतुरमुर्ग Arabian Ostrich

18. गौरैया Sparrow

19. बुगुन लिओसीचला Bugun liocichla

20. क्रिसमस द्वीप फ्रिगेटबर्ड Christmas Island Frigatebird


Extinct Birds Information in Hindi - भारत के लुप्तप्राय पक्षियों की पूर्ण जानकारी


भारतीय गिद्ध - Indian Vulture


भारतीय गिद्ध सामान्यता भारत के राजस्थान राज्य और पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी है।


इनकी श्रेणी की अन्य दूसरी प्रजातियों की तरह ही, भारतीय गिद्ध को भी डिक्लोफेनाक (Diclofenac) और अन्य पशु चिकित्सा दवाओं के उपयोग से अधिक खतरा है।


भारत और पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर गिद्धों की इस प्रजाति को विलुप्त होने से बचाने के लिए भारत सरकार और पाकिस्तान में उनके समकक्षों ने संयुक्त सुरक्षा बलों को शामिल किया है।


यदि तुम पतंगबाज़ी करने के शौकीन हो तो कृपया ध्यान दो! कांच कोटेड सुतली का उपयोग करके पतंग उड़ाने से इस पक्षी को अधिक खतरा होता है, इनके पर कतर जाते फिर ये ऊढ़ नहीं पाते और या तो जंगली जानवरों का शिकार बन जाते हैं या भूख से मार जाते हैं।


गुलाबी सिर वाला बतख - Pink headed duck


गुलाबी सिर वाली बतख भारत में गंगा नदी के मैदानी इलाकों में रहती है। इस बात पर जोरदार बहस होती है कि गुलाबी सिर वाला बतख अभी भी धरती पर मौजूद है या विलुप्त हो चुका है।साल 1900 की शुरुआती दौर में पक्षी के विलुप्त होने का संदेह था।


हालाँकि, इसे साल 1988 के अंत में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर देखा गया था। Endangered birds in hindi


भारत और विदेशों के पक्षीविज्ञानियों ने किसी भी जीवित गुलाबी सिर वाली बतख को खोजने की कोशिश करने के लिए लगातार अभियान चलाया है।लेकिन यह गुलाबी सिर वाला पक्षी, हमेशा मायावी बना रहता है,


शायद इसलिए क्योंकि यह एक निशाचर यानि रात्रिचर प्रजाति है।


इसके देखे जाने की अलग-अलग रिपोर्टें हैं। IUCN (International Union for Conservation of Nature) और भारतीय अधिकारियों का मानना ​​है कि यह गुलाबी सिर वाला बतख भारत में विलुप्त या गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी हो सकता है।


तुमको बात दें की इन दावों मे से किसी भी सिद्धांत का समर्थन करने के लिए हमें कोई भी निर्णायक सबूत नहीं मिला है।


बेयर पोचार्ड - Baer’s Pochard


बेयर पोचार्ड यह नाम पढ़ने या सुनने में पूर्णतया विदेशी लगता है लेकिन ऐसा नहीं है यह एक बतख की प्रजाति है। भारत, चीन, वियतनाम और जापान देश के मूल निवासी, बेयर पोचार्ड बतख की एक प्रजाति है जो दलदली आर्द्रभूमि वाली जगहों में रहती है।


पोचार्ड अपनी गहरे रंग की पीठ और सफेद रंग के निचले पंखों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस पक्षी का आवास सामान्यता झीलों और पानी के किनारे घास के मैदानों के पास घनी वनस्पति होता है।


भारत में बेयर पोचार्ड को IUCN (International Union for Conservation of Nature) द्वारा 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' यानि Critically Endangered birds in hindi के रूप में सूचीबद्ध (List) किया गया है।


इस पक्षी के निकट विलुप्त होने का सबसे बड़ा कारण है, बड़े पैमाने पर इनका शिकार और इंसानों के भोजन के लिए उनके अंडों का अवैध शिकार है।


बेयर पोचार्ड बतख मुख्य रूप से म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा से लगे भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में अधिक पाए जाते हैं।


वन उल्लू - Forest Owlet


वन उल्लू भारत के सूखे, पर्णपाती सागौन के जंगल से पहले नम पर्णपाती सागौन के जंगलों में भी पाया जाता था। अगर बात की जाए इनके रिहाईश राज्यों की तो ये महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में पाया जाने वाला वन उल्लू भारत में यह IUCN और CITES सूची में 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी' के रूप में दर्ज है।


भारत के अलग-अलग वन और वन्यजीव संरक्षण स्रोतों के अनुसार, भारत में इन वन उल्लुओं के लगभग 25 से 30 जोड़े ही मौजूद हैं। इसलिए भारत में इन्हें IUCN और CITES ने रेड लिस्ट मे शामिल कर दिया है।


शायद तुमको यह मालूम नहीं होगा की शुरुआत में, वन उल्लू को पूर्णतया विलुप्त मान लिया गया था। हालाँकि, भारतीय पक्षीविज्ञानियों ने इस पक्षी को मध्य प्रदेश के जंगलों में और बाद में महाराष्ट्र में देखा।


और तभी से वन उल्लुओं को बचाने की उम्मीद की एक किरण जागी तब से, इन पक्षियों की सटीक संख्या खोजने के लिए अलग-अलग तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।


इन पक्षियों का व्यापक रूप से शिकार किया जाता रहा है क्योंकि ग्रामीण, ढोंगियों और कई जनजातियाँ गलत तरीके से इन्हें दुर्भाग्य का अग्रदूत, और शुभ मानने की गलत जानकारी के चलते मारते चले आरहे हैं।


साइबेरियन सारस - Siberian Crane


साइबेरियन क्रेन, आइए अब बात करते हैं एक अप्रवासी पक्षी के बारे में। जैसा कि नाम से पता चलता है, रूस और उसके पड़ोसी देशों में टुंड्रा क्षेत्र और ओब, कोंडा और सोसवा नदियों के पास प्रजनन करता है।


वे आम तौर पर सर्दियों के दौरान भारत में बिहार जैसी गीली भूमि में चले जाते हैं। Endangered birds in hindi


साइबेरियन क्रेन के अलग-अलग बर्फ-सफेद पंख होते हैं। उनकी प्रवासी उड़ानों के दौरान बड़े पैमाने पर शिकार और आवास की कमी के कारण इसकी आबादी घट रही है।


IUCN भारत में प्रवासी पक्षी साइबेरियन क्रेन को 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' के रूप में सूचीबद्ध करता है।


बंगाल फ्लोरिकन - Bengal Florican


बंगाल फ्लोरिकन बस्टर्ड परिवार की दुर्लभ प्रजाति का पक्षी है और यह केवल भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी है, जहाँ यह मुख्यता अरुणाचल प्रदेश, असम और नेपाल की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पाया जाता है।


बंगाल फ्लोरिकन सबसे अधिक खतरे वाली प्रजातियों में से एक है और दुनिया के दूसरे स्थानों पर लगभग विलुप्त ही हो चुकी है, IUCN के डाटा के बंगाल फ्लोरिकन को 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' के रूप में वर्गीकृत करता है


और भारतीय उपमहाद्वीप में केवल 500 -1,000 से भी कम बंगाल फ्लोरिकन पक्षी बचे हैं।


यह दुनिया का सबसे दुर्लभ बस्टर्ड है, लेकिन अवैध शिकार और कृषि के लिए भूमि रूपांतरण इनके आवास के तेजी से घटने के कारण है।


वे झीलों और मीठे जल स्रोतों के पास घास के मैदानी इलाकों में प्रजनन करते हैं लेकिन बाढ़ वाली जगहों से दूर भागते हैं। और इसे पक्षियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में शामिल किया गया है।


भारत सहित अन्य देशों में इस विलुप्त हो रही प्रजाति के संरक्षण और उनके प्रजनन को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


सफेद पीठ वाला गिद्ध - White Backed Vulture


गिद्ध प्रजाति के सभी पक्षियों की तरह, सफेद पीठ वाले गिद्ध हमारे पर्यावरण को साफ करने वाले पक्षी होते हैं। वे मनुष्यों के नश्वर अवशेषों सहित मृत जानवरों के शवों को कहते हैं और हमारे पर्यावरण को साफ करने मे मदद करते हैं।


सच बात तो यह है की सफेद पीठ वाला गिद्ध भोजन की कमी के कारण विलुप्त होने के कगार पर है।


दूसरी गिद्ध प्रजातियों के उलट, सफेद पीठ वाले गिद्ध अपना भोजन अन्य पक्षियों के साथ साझा नहीं करते हैं या वे सिर्फ मृत अवशेषों को ही खाते हैं । इसलिए, इनके खाद्य स्रोत सीमित होते जा रहे हैं।


सफेद पीठ वाला गिद्ध सामान्यता ग्रामीण भारत में पहाड़ी इलाकों के पास रहते थे और ग्रामीणों द्वारा फेंके गए मृत घरेलू जानवरों के शवों को खाते थे। Endangered birds in hindi


सफेद पीठ वाले गिद्धों के बारे मे यह भी माना जाता है कि वे अक्सर टॉवर ऑफ साइलेंस में ज्यादा पाए जाते हैं- एक ऐसी जगह जहां पारसी समुदाय के सदस्यों के मृत शरीर रखे जाते हैं।


हिमालयन बटेर - Himalayan Quail


हिमालयन बटेर, एक छोटा पक्षी जो जंगलों में रहता है, तीतर परिवार से संबंधित है और केवल उत्तराखंड के पश्चिमी हिमालय और भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इसके देखे जाने की अलग-अलग रिपोर्टें हैं।


हिमालयन बटेर भारतीय पक्षियों की सबसे अधिक संकटग्रस्त प्रजातियों में से एक है।


पक्षीविज्ञानियों को यह संदेह है कि हिमालयन बटेर विलुप्त है या नहीं, क्योंकि इसके अंडे और नवजात शिशुओं को हिमालय के आसपास के इलाकों में एक स्वादिष्ट व्यंजन के रूप में देखा जाता है।


हिमालयन बटेर विदेशों के मांस बाजार में उच्च कीमत के बिकते हैं। हिमालयन बटेर मध्यम आकार का होता है और अपने पास के क्षेत्र में ही उड़ता है।


जब तक की निर्णायक रूप से यह सिद्ध नहीं हो जाता, तब तक हिमालयन बटेर को विलुप्त पक्षी नहीं माना जा सकता है और इसलिए यह भारत में अत्यंत लुप्तप्राय पक्षियों की रेड लिस्ट में बना हुआ है। IUCN को हिमालयन बटेर के विलुप्त होने की प्रवल संभावना है।


सफेद पेट वाला बगुला - White Bellied Heron


सफेद पेट वाला बगुला, जिसे इंपीरियल हेरॉन (Imperial Heron) भी कहा जाता है, भारत में हिमालय के पास उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय आर्द्रभूमि में पाया जाने वाला सफेद पेट वाला बगुला भी भारत में पक्षियों की एक बहुत ही दुर्लभ प्रजाति है।


आपको बात दें की IUCN को संदेह है कि सफेद पेट वाला बगुला भारत, नेपाल और भूटान में विलुप्त होने के करीब है।


आर्द्रभूमि का गायब होना, इनके अवैध शिकार और रहने योग्य स्थान का विनाश सफेद पेट वाला बगुला के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय है तथा Endangered birds in hindi


बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग और हिमालय पर्वतमाला पर बर्फ के जल्दी पिघलने से आर्द्रभूमि के जल स्तर में वृद्धि होती है, जिससे सफेद पेट वाला बगुला का तेजी से विलुप्त होने का कारण बनता जा रहा है।


सफेद पेट वाला बगुला अपने नवजात चूजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में असमर्थ होते हैं और इसलिए, उन्हें चील और बाज जैसे शिकारी पक्षियों के लिए छोड़ देते हैं।


बेचारे कुछ चूजे ठंडे पानी में भी डूब कर मर जाते हैं। भारत, नेपाल और भूटान में सफेद पेट वाला बगुला के प्रजनन और उनके संरक्षण के प्रयास तेजी से चल रहे हैं क्योंकि IUCN का मानना ​​है कि अब सफेद पेट वाला बगुला 200 से कम पक्षी मौजूद रह गए हैं।


स्पून-बिल्ड सैंडपाइपर (चम्मच की चोच वाली टिटहरी) - Spoon Billed Sandpiper


स्पून-बिल्ड सैंडपाइपर दुनिया मे सबसे गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है और भारत में भी गंभीर रूप से लुप्तप्राय की श्रेणी में आती है। बहुत कम आबादी, आवास का नुकसान और प्रजनन के मैदानों का नुकसान


चम्मच की चोच वाली टिटहरी के चूजों को विलुप्त होने के कगार पर ले जाता है। भारत में इन पक्षियों के रहने का मुख्य आधार सुंदरवन डेल्टा और पड़ोसी देश हैं।


चम्मच की चोच वाली टिटहरी की इन अत्यधिक दुर्लभ प्रजातियों में से 2,500 से भी कम दुनिया भर में रहती हैं। वे एक प्रवासी प्रजाति के पक्षी हैं जो उत्तर पूर्वी रूस और सुदूर पूर्व एशिया में प्रजनन करती हैं।


लाल सिर वाला गिद्ध - Red-headed vulture


यह अपने लाल रंग के चेहरे और गंजे गर्दन के लाल सिर वाले गिद्ध को ग्रैंड इंडियन वल्चर के रूप में भी जाना जाता है। अन्य गिद्धों की तरह, यह मनुष्यों सहित जानवरों के शवों को खाता है और कभी-कभी भोजन के लिए कमजोर या मरने वाले जानवरों को मार देता है।


दर्द प्रबंधन और पशु चिकित्सा में डाइक्लोफेनाक के अत्यधिक प्रयोग के कारण हाल ही के वर्षों में इस विलुप्त प्रजाति की आबादी में भारी गिरावट आई है।


हमारे पक्षीविज्ञानियों के अनुसार, पशु चिकित्सा में गैर-स्टेरायडल विरोधी खतरनाक दवाओं जैसे कि इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक सोडियम के बड़े पैमाने पर प्रयोग के कारण लाल सिर वाला गिद्ध तेजी से विलुप्त होता जा रहा है।


NSAIDS और अन्य दूसरी घातक दवाएं पालतू पशुओं के शवों में रहती हैं और लाल सिर वाले गिद्ध के लिए उनकी मौत साबित हो रही हैं। भारत सरकार इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही है।


जेर्डन का कौरसर - Jerdon’s Courser


यह एक निशाचर यानि रात्रिचर पक्षी है, जेर्डन का कौरसर पूर्वी आंध्र प्रदेश का एक स्थानीय पक्षी है। ब्रिटिश प्रकृतिवादी थॉमन जेर्डन ने पहली बार साल 1848 में जेर्डन का कौरसर पक्षी को देखा था।


IUCN के द्वारा जेर्डन के कौरसर को गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी के रूप में लिस्ट किया गया है।


भारतीय पक्षीविज्ञानियों ने साल 1986 में जेर्डन के कौरसर को दोबारा देखा था। जेर्डन का कौरसर पक्षी सूखे झाड़ीदार जंगल और विरल मैदान में रहना पसंद करता है। यह पक्षी केवल गोधूलि घंटे और शाम के दौरान ही दिखाई देता है।


यह पक्षी दुर्लभ है और भारत में लगभग विलुप्त पक्षी की श्रेणी मे आता है। Endangered birds in hindi


जेर्डन का कौरसर पक्षी सामान्यता गोदावरी नदी घाटी, श्रीलंकामल्लेश्वर अभयारण्य और पूर्वी घाट वन श्रृंखला में पाया जा सकता है। पक्षियों की इस विलुप्त हो रही प्रजाति के 250 से भी कम पक्षी मौजूद हैं।


भारत सरकार और विदेशी एजेंसियों ने जेर्डन के कौरसर को विलुप्त होने से बचाने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए हैं।


मिलनसार लैपविंग - Sociable Lapwing


मिलनसार लैपविंग कजाकिस्तान के खुले घास के मैदान का रहने वाला एक प्रवासी पक्षी है और जो सिर्फ भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पाया जा सकता है।


मध्यम आकार का लैपविंग लंबे काले पैरों, और काले पेट के साथ बहुत आकर्षक और सुंदर दिखता है। पर्यावास का विनाश इस लैपविंग प्रजाति के लुप्तप्राय पक्षियों की लाल सूची में शामिल होने का मुख्य कारण है।


दुबला-पतला गिद्ध - Slender Billed Vulture


भारत के स्वदेशी पक्षी स्लेंडर बिल गिद्ध के अस्तित्व को NSAIDS से खतरा है, जिसमें डाइक्लोफेनाक सोडियम शामिल है जिसका उपयोग खेत और अन्य पालतू पशुओं के पशु चिकित्सा उपचार में प्रयोग किया जाता है।



हाँ, भारत सरकार ने पशु चिकित्सा उपयोग में घातक डिक्लोफेनाक के उपयोग को रोकने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन यह दवा बाजार मे अवैध रूप से उपलब्ध है।


संदेशवाहक कबूतर - Passenger Pigeon


संदेशवाहक कबूतर का विलुप्त होना इस बात का आती मार्मिक उदाहरण है कि जब मनुष्य के हित प्रकृति के हितों से टकराते हैं तो क्या होता है।


ऐसा माना जाता है कि यह प्रजाति कभी संयुक्त राज्य अमेरिका की कुल पक्षी आबादी का 25 से 40 प्रतिशत हिस्सा थी। यह भी अनुमान लगाया गया है कि जिस समय यूरोपियों ने अमेरिका की खोज की, उस समय 3 अरब से 5 अरब संदेशवाहक कबूतर थे।


कैरोलिना तोता - Carolina Parakeet


कैरोलिना तोता, या कैरोलिना शंकु, एक चमकीले पीले सिर, लाल नारंगी चेहरे और पीली चोंच के साथ छोटे हरे न्युट्रोपिकल तोते की विलुप्त प्रजाति है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी, मिडवेस्ट और मैदानी इलाकों के मूल निवासी थे।


अरबी शुतुरमुर्ग - Arabian Ostrich


अरब शुतुरमुर्ग (स्ट्रुथियो कैमलस सिरिएकस), सीरियाई शुतुरमुर्ग या मध्य पूर्वी शुतुरमुर्ग शुतुरमुर्ग की एक विलुप्त उप-प्रजाति है जो 20 वीं शताब्दी के मध्य तक अरब प्रायद्वीप और निकट पूर्व में रहती थी।


गौरैया - Sparrow


पूरी दुनिया में Sparrow पक्षी की कुल 26 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से सिर्फ 5 भारत में हैं। लेकिन भारत में गौरैया [पक्षी की तादाद में 60% तक कमी आ चुकी है।



गौरैया पक्षी हमारे पर्यावरण को संतुलित रखने मे अहम रोल निभाती है। गौरैया अपने बच्चों को अल्फा और कटवर्म नाम के कीड़े भोजन के रूप में खिलाती हैं। ये कीड़े फसलों के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं।



ये कीड़े फसलों की पत्तियों को खाकर उन्हें खत्म कर देते हैं। इसके अलावा, गौरैया बारिश में दिखाई देने वाले कीड़े को भी खाती हैं।


बुगुन लिओसीचला - Bugun liocichla


बुगुन लिओसीचला को पहली बार साल 1995 में अरुणाचल प्रदेश, भारत में देखा गया था, बुगुन लिओसीचला को साल 2006 में एक नई प्रजाति के रूप में वर्णित किया गया था।


इस पक्षी को एक लुप्तप्राय प्रजाति माना जाता है, क्योंकि इसकी एक छोटी आबादी रह गई है, और अत्यधिक व्यावसायिक विकास से इनके आवास को खतरा है।


क्रिसमस द्वीप फ्रिगेटबर्ड - Christmas Island Frigatebird


क्रिसमस फ्रिगेटबर्ड (फ्रीगेटा एंड्रूसी), या क्रिसमस आइलैंड फ्रिगेटबर्ड, फ्रिगेटबर्ड परिवार का एक समुद्री पक्षी है जो हिंद महासागर में क्रिसमस द्वीप के लिए एक स्थानिक ब्रीडर है।


How can birds be saved from extinction? - पक्षियों को विलुप्त होने से कैसे बचाया जा सकता है।


अब तो तुम जान ही गए होंगे ना की हमारे अपने कितने सारे पक्षी कितनी बुरी हालत में हैं। कृपया पक्षियों की देखभाल तुम खुद ही क्यू नहीं उठाते, कब तक एक दूसरे के मुंह की तरह देखते रहोगे।


खूब सारे पेड़ लगाओ छत पर पानी भर कर रख दिया करो अपने पक्षियों के लिए… इतना तो कर ही सकते हो ना तुम?

और सुनो दोस्त! ना कभी किसी पक्षी का शिकार करना और ना ही किसी को करने देना।


हालांकि भारत के वन्यजीव संरक्षण कानून काफीकड़े हैं और इनका उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा भी दी जाती है, लेकिन आम जनता में जागरूकता की कमी या प्रतिशोध की आशंका के कारण इस अपराध का अधिकांश हिस्सा रिपोर्ट ही नहीं किया जाता है।


एक अच्छी पहल!


दोस्तों यदि तुमको पक्षियों की इन दुर्लभ प्रजातियों में से कोई भी कहीं भी दिख जाए, तो यदि संभव हो सके तो तस्वीरें ले लें और वन अधिकारियों के या निकटतम प्राकृतिक इतिहास समूह से संपर्क अवश्य करें। आप एक दुर्लभ प्रजाति को विलुप्त होने से रोकने में अहम योगदान दे सकते हैं। Endangered birds in hindi

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